दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं,
प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं,
हमें बताता क्यों नहीं ये राज़ कोई,
दिल अगर अपना है तो किसी और के बस में क्यों है….
मोक्ष शर्मा : इश्क ‚मोहब्बत और प्यार का हफ्ता चल रहा है। जहाँ देखो वहां फिजाओं में इश्क का ही दौर है। कोई ऐसे तो कोई वैसे सब प्यार बांटने में मशरूफ हैं।अब बात अगर हिमाचल की हो तो यहाँ की पहाडियों ने भी इस खास दिन की तैयारी में बर्फ की सफ़ेद चादर ओढ़ ली है मानो किसी खास के आने का इंतजार हो….
मौसम बहुत सर्द है ऐ दिल,
चलो कुछ ख्वाहिशों को आग लगायें …
अब भई बात प्यार की हो तो हम पत्रकार भी क्यूँ पीछे रह जाएं , कोई महबूबा ना सही अपनी , तो सोचा अपनी क़लम से ही प्यार निभाएं …….

बस इसी के चलते हमनें भी सोचा की क्यूँ ना प्यार के इस कुम्भ में जानकारी का तड़का लगाएं…जानने की कोशिश करें की ऎसा क्या खास है इस दिन में जो इसे प्यार का दिन कहा जाने लगा ….क्यूंकि हमनें तो सुना था प्यार , महोब्बत का कोई दिन नहीं होता…ये तो कभी भी, कहीं भी, किसी भी पल आपकी जिंदगी में दस्तक दे सकता है…खैर मुद्दे की बात पर आते हैं…वैसे भी ज़नाब आशिकों के पास ये सब सुनने वक्त कहाँ….
वैसे इसे मनाने की बहुत सी वजह मानी जाती है लेकिन किसी के भी पुख्ता सबूत नहीं मिलते है….हाँ एक वजह ये मानी जाती है कि 12वीं शताब्दी के आसपास रोम में एक शासक था, जो अपने किसी भी सैनिक को शादी नहीं करने देता था, उसका मानना था कि इन्सान शादी कर लेते है….तो वो अपने परिवार , बच्चों में इतने व्यस्त हो जाते है, कि वे फिर उसकी सेना में नहीं शामिल होते है… इस प्रथा का विरोध संत वैलेंटाइन ने किया था, जी हाँ सही सुना आपने वेलेंटाइन एक व्यक्ति का नाम था जिसके नाम पर इस दिन का नाम पड़ा…हुआ यूं कि उसने एक प्रेमी जोड़े की शादी करवा दी थी, जिसके बाद राजा ने 14 फ़रवरी के दिन वैलेंटाइन को सूली पर चढ़ाया था…. जब वैलेंटाइन जेल में था, तब उसे लोग प्यार स्वरुप फूल व गिफ्ट दिया करते थे….संत वैलेंटाइन ने मरने से पहले राजा के मुख्य जेलर को एक चिट्ठी लिखी और मरने के बाद अपनी आँखे उसकी अंधी बेटी को देने की बात कही…यहाँ भी उसने प्रेम का संदेश दिया …. इसके बाद से वैलेंटाइन की याद में यह प्यार का दिन मनाया जाने लगा….
तो ये तो थी वो कहानी जिस वजह से मनाया जाने लगा ये विशेष दिन….अब आप भी ज़्यादा देर ना करें…सुना दें अपने दिल का हाल अपने प्यार को ……हमारी क़लम अब आपसे अलविदा ले रही है…हाँ किसी को हमारी क़लम कि बरसात अच्छी लगे और इस लेख से प्यार हो जाए….तो COMMENT….LIKE….Share ….करना न भूलियेगा….अलविदा…अरे रुकिये ये तो सुनते जाइये…
तेरे ख्याल से ही एक रौनक आ जाती है दिल में, तुम रूबरू आओगे तो जाने क्या आलम होगा….
वीडियो देखना ना भूलें…..
